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साली से मस्त चुदाई की ट्रैनिंग – Saali se mast chudai ki training

प्रेषक : आनंद …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आनंद है और में पुणे का रहने वाला हूँ, दोस्तों यह कहानी जिसको में आप सभी AntarvasnaStories.Net के चाहने वाले को सुनाने जा रहा हूँ। यह मेरी मेरी पहली कहानी और मेरा पहला सच्चा सेक्स अनुभव है जिसमे मैंने अपनी साली को चोदा और उसके साथ मज़े लिए, वैसे में बहुत समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़कर उनके बहुत मज़े ले रहा हूँ और पिछले कुछ समय से अपनी भी यह घटना आपको सुनाना चाहता था, लेकिन ना जाने क्यों डरता था शायद किसी को पता ना चले इसलिए और आज मैंने बहुत हिम्मत मेहनत करके इसको आपके लिए लिखकर तैयार किया है। में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप लोगों को जरुर मज़ा आएगा और अब में अपनी कहानी को शुरू करता हूँ।

दोस्तों यह एक सच्ची घटना है जो मेरी शादी के कुछ दिन पहले मेरे साथ घटित हुई। में उस समय 26 साल का था और मेरे बदन की बनावट बहुत अच्छी थी और पढ़ा लिखा होने की वजह से में आकर्षक भी दिखता था। मेरी लम्बाई 5.8 और उस समय मेरा वजह करीब 80 किलो था। दोस्तों उस समय मेरी शादी की बात चल रही थी और नासिक से एक रिश्ता भी उस समय आया हुआ था। उस लड़की की 6 बहनें थी और उसके एक भी भाई नहीं था और यह बात मन ही मन सोचकर मैंने सोचा कि मुझे एक साथ 5 बीवियाँ मिलेगी एक पूरी और पांच आधी, तो घरवालों को बाकी सब बातें पसंद आने पर मेरी शादी करीब चार महीने के बाद तय हुई और उन बहनों में मेरी पत्नी 4th नंबर की है। उसकी सबसे बड़ी बहन उस समय करीब 28 साल की थी और वो मुंबई में रहती थी उसका एक दो साल का बेटा भी था और उसका पति उस समय दुबई में रहकर नौकरी करता था, तो मुझे मेरी सगाई के बाद एक बार मुंबई किसी काम से जाना पड़ा और फिर में अपना काम निपटाकर अपनी साली से मिलने उसके घर पर चला गया, वो मुझे देखकर एकदम चकित रह गई और बहुत खुश भी हुई। उसका 2 BHK का फ्लेट था और मुझे दूसरे बेडरूम में रखा और मैंने अपना बेग वहीं पर रख दिया।

फिर फ्रेश होने के बाद में हॉल में आ गया और तब तक 9.30 बज गये थे और उसका बच्चा सो गया था। उसको पहले से पता था कि में ड्रिंक करता हूँ और उसके घर में विस्की की बोतल हमेशा पड़ी रहती थी। उसका पति जब भी अपने घर पर आता था तो वो 5-6 विस्की की बोतल ले आता था। अब मुझे बिना पूछे उसने पेग मेरे लिए बना दिए और मुझे उसकी यह हरकत देखकर बहुत अचरज हुआ, लेकिन मैंने उनसे कहा कि दीदी में अकेले कभी नहीं लेता, क्या आप भी मेरा साथ देना चाहोगी? तो उसने भी मेरी बात को सुनकर ना नहीं कहा और फिर उसने अपने लिए भी एक पेग तैयार किया और हमने पीना शुरू किया। एक पेग खत्म होने के बाद दूसरा आया और हमारी बातें धीरे धीरे सेक्स के विषय पर आ गयी। फिर मैंने शरमाते हुए उससे कहा कि मैंने तो सेक्स के बारे में अब तक बस पढ़ा है और कभी कभी ब्लूफिल्म भी देखी है। मेरी उस बात को सुनकर वो हंसने लगी और तभी वो मुझसे कहने लगी कि जीजाजी क्या आप कोई ब्लूफिल्म देखोगे? पहले तो में उसके मुहं से यह बात सुनकर एकदम चकित हो गया और उसके बाद मैंने मन ही मन कुछ सोचकर कहा कि हाँ चलेगी। फिर उसने भी मेरी तरफ शरारत भरी मुस्कुराहट से देखा और में भी उसके मन की बात को बहुत अच्छी तरह से समझ गया कि वो अब मुझसे क्या चाहती है? तो उसने डीवीडी पर एक केसेट लगाई और जैसे ही वो फिल्म शुरू हुई उसमें कुछ देर बाद एक लड़का उस लड़की को टेबल पर लेटाकर उसकी चूत में अपना डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और कुछ देर धक्के देने के बाद उसने लंड को बाहर निकालकर लड़की के मुहं में डाल दिया, वो उसका लंड बहुत मज़े से चूसने लगी और अब में वो सब देखकर बहुत जल्दी गरम हो गया। जोश में आने की वजह से मेरा लंड अब मेरी लूँगी में तनकर खड़ा हो गया और मेरा हाथ अपने सामान पर चला गया। दोस्तों मेरी साली ने वो चुदाई की फिल्म पहले भी देखी हुई थी, जिसकी वजह से वो मेरे साथ बिल्कुल शांत होकर अच्छा व्यहवार कर रही थी। फिर हमारा तीसरा पेग आया और हम दोनों ने वो भी खत्म कर दिया तब तक वो फिल्म भी आधी खत्म हो गयी थी और अब मेरी बहुत बुरी हालत थी। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था और में बहुत व्याकुल था।

तभी में उठकर सीधा बाथरूम में चला गया और मैंने अंदर जाकर अपने लंड को हिलाकर शांत किया और कुछ देर बाद मेरे बाहर आने पर मेरी साली की वही शरारत भरी मुस्कान थी जिसको देखकर में थोड़ा सा शरमा गया और अब में उसकी तरफ देखने लगा। मेरी उसको उसी समय पकड़ने की बहुत इच्छा हो रही थी, लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी, लेकिन वो मेरे मन की बात को बहुत अच्छी तरह से समझ गई थी, तो वो धीरे से मेरे पास आ गयी और अब वो मुझे एकदम चिपककर बैठ गयी। में उससे और भी पास हो गया और अब तक उसके भी तीन पेग पूरे हो चुके थे और फिर उसने मुझसे अपने शरारती अंदाज में मुस्कुराते हुए पूछ लिया क्यों जीजाजी आपको क्या अब और कुछ भी चाहिए? में भी उस समय पूरे मूड में था इसलिए मैंने उससे पूछा क्या दोगी? वो भी मूड में थी इसलिए उसने कहा कि जो आप माँगो में वो सब आपको दे दूंगी, आप एक बार कहकर तो देखो। दोस्तों ये कहानी आप AntarvasnaStories.Net पर पड़ रहे है।

अब मैंने उसका इशारा समझकर तुरंत एक झटके से उसका एक हाथ पकड़ लिया और वो तो पहले से ही तैयार थी, इसलिए उसने मेरा कोई भी विरोध ना करते हुए वो तुरंत झटके से मेरे गले लग गयी और फिर वो मुझे किस करने लगी। यह मेरा पहला अनुभव था, लेकिन मुझे पहले से ही ब्लूफिल्म को देखने की वजह से पता नहीं था कि किस कैसे करते है? अब मेरी साली को समझ में आ गया कि में एकदम जोश में हूँ और उसने धीरे से मुझे किस करना सिखाया। अब मुझे मज़ा आने लगा था और फिर कुछ देर बाद हम दोनों उठकर बेडरूम में चले गये और मैंने उसे गले लगा लिया। अब में उसकी छाती का दबाव महसूस करने लगा था, मुझे वाह क्या मस्त मज़ा आ रहा था? इधर मेरा सामान दोबारा से टाईट हो गया था और उसके गाउन के ऊपर से उसकी चूत को चुभ रहा था और वो भी मेरे साथ साथ मज़े लेने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने बिना देर किए उसका गाउन उतार दिया, जिसकी वजह से अब वो ब्रा और पेंटी में मेरे सामने खड़ी हुई थी। सच पूछो तो वो द्रश्य बहुत मज़ेदार लग रहा था और उसने भी अब मेरी शर्ट को उतार दिया और लूँगी को भी खोल दिया, जिसकी वजह से अब मेरी उभरी हुई अंडरवियर को देखकर उसके चेहरे का रंग बदल गया, वो बहुत खुश नजर आने लगी थी। अब उसने झट से मेरी अंडरवियर को पकड़ लिया और अब वो मेरे लंड को सहलाने मसलने लगी, जिसकी वजह से मुझे एक अजीब सा मज़ा आने लगा था। फिर मैंने भी अब उसकी ब्रा को उतार दिया और में उसके गोरे सुंदर बूब्स को अपने सामने देखकर बहुत खुश हुआ। में जोश में आकर उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने मसलने लगा था, तो वो कहने लगी आह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फ़ प्लीज थोड़ा सा धीरे दबाओ जीजाजी आईईईइ ज़रा प्यार से करो। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है मेरी जान और अब में दोनों बूब्स को धीरे से दबाने लगा, जिसकी वजह से उसे भी मज़ा आने लगा था और कुछ देर बाद उसने मुझे लेटा दिया और वो खुद भी मेरे पास में लेट गई। में नीचे था और वो मेरे दूसरी तरफ थी, लेकिन उसकी छाती अब भी मेरी छाती पर थी। फिर उसने थोड़ा सा उठकर अपना एक बूब्स मेरे मुँह में दे दिया और कहा कि चूसो मेरे जीजू इनका भी मज़ा ले लो और में चूसने लगा। उसने उसका दूसरा बूब्स मेरे एक हाथ में दे दिया और में एक बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने और दूसरे को चूसने लगा, जिसकी वजह से अब उसकी सिसकियों की आवाज़ निकलने लगी आआहहह्ह्ह हमम्ममममम ऊऊओह। अब मुझे और मज़ा आने लगा और में बहुत मज़े से चूसने दबाने लगा। फिर थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा बूब्स मुँह में ले लिया और हाथ भी बदल दिया। अब उसकी आवाज़ और भी गहरी हो गयी आआआहह आईईईई ऊऊओह। फिर कुछ देर बाद उसने मेरी अंडरवियर को भी उतार दिया और मुझे इशारा किया। मैंने भी उसकी पेंटी को उतार दिया और अब में उसके सुंदर सेक्सी बदन को हल्की सी रोशनी में देखने लगा था, वो धीरे से मेरा बदन चूमते हुए नीचे हुई और झट से उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया वो लोलीपोप की तरह मेरा लंड चूसने लगी और उसको देखकर मुझे ऐसा लगा कि जैसे उसको लंड चूसने का बहुत अच्छा अनुभव था और अब मेरी बारी थी। में आहहह्ह्ह करने लगा और कुछ देर बाद उसने अपने दोनों पैरों को मेरी छाती के दोनों तरफ रख दिए और फिर वो मेरा लंड चूसने लगी। हम दोनों अब 69 की पोज़िशन में थे और मैंने अपनी जीभ को उसकी गीली कामुक चूत में डाल दिया। मैंने महसूस किया कि मुझे उसका कुछ नमकीन सा स्वाद आया, लेकिन मज़ा भी बहुत आया, वो एक बार फिर से मेरा लंड चूसते हुए आवाज़ करने लगी अहहह्ह्ह ओह्ह्ह करीब दस मिनट के बाद वो सीधी हो गयी और उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया और वो मुझसे बोली कि चलो जीजू अब आप अपना बचा हुआ काम भी जल्दी से पूरा कर लो।

फिर में अपना लंड उसकी चूत के अंदर डालने की कोशिश करने लगा तो उसने झट से अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर रखा था, लेकिन मुझे चूत का सही छेद नहीं मिल रहा था। लंड हर बार धक्का देने पर गलत जगह पर होने की वजह से इधर उधर फिसल रहा था और वो सब कुछ समझ चुकी थी। अब वो अपनी आँखें मूंदकर मुस्कुराई और मेरे लंड को अपनी चूत के मुहं पर रखकर बोली चलो जीजू डाल दो इसको अंदर और बना लो मुझे अपना और मेरी प्यासी चूत की प्यास को आज पूरी तरह से बुझा दो। में कब से चुदाई के लिए तरस रही हूँ। अब मैंने उसकी चूत पर एक जोरदार झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गीली चूत के अंदर फिसलता हुआ चला गया, लेकिन अब मुझे भी हल्का सा दर्द महसूस होने लगा और उसने अपने आप को थोड़ा सा सेट किया और अब वो भी नीचे से अपने कूल्हों को उठाकर धीरे धीरे झटके मारने लगी और में भी उसको झटके मारने लगा। अब हम दोनों को चुदाई का असली मज़ा आने लगा था और थोड़ी देर बाद मेरी धक्को की स्पीड बढ़ गयी और अब मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा था और फिर उसकी भी स्पीड बढ़ी गई। फिर मैंने आख़िरकार एक ज़ोर का झटका दिया और उसी के साथ मैंने बहुत सारा पानी उसकी चूत में डाल दिया और वो भी मेरे साथ बिल्कुल शांत हो गयी, लेकिन कुछ देर बाद उसने कहा कि वाह जीजू आपको तो बहुत अच्छी चुदाई करनी आती है वाह मज़ा आ गया, आपने तो आज मुझे बहुत दिनों के बाद वो मज़ा दे दिया, जिसके लिए मैंने यह सब किया और आपका काम तो तारीफ करने के लायक है। दोस्तों सच में वो एक बहुत अच्छा अजीब सा अनुभव था, जिसको मैंने उस दिन पहली बार अपनी साली की चुदाई करने पर महससू किया था। फिर करीब एक घंटे के बाद हम दोनों एक बार फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गये और अब में एक अनुभवी हो चुका था, इसलिए अब में ज़्यादा जोश से चुदाई करने लगा था। मेरे चुदाई करने की वजह से उस दिन उसकी प्यास बहुत दिनों के बाद बुझी थी। फिर करीब एक घंटा और उस पूरी रात को हमारे बीच ऐसे ही चुदाई का सिलसिला लगातार चार पांच बार चला, जिसकी वजह से हमें पता ही नहीं लगा कि सुबह कब हुई? और आज भी जब भी हम दोनों मिलते है तो सही मौका देखकर चुदाई के पूरे पूरे मज़े लेते है। मेरी चुदाई की वजह से वो भी मुझसे बहुत खुश रहती है और में भी खुश रहता हूँ और तब से मुझे अनुभवी औरतें और लड़कियाँ बहुत पसंद है, क्योंकि उनको चुदाई का पूरा अनुभव होता है और वो ज्यादा नखरा भी नहीं करती है वो खुद भी चुदाई के मज़े लेती है और मुझे भी देती है अच्छी तरह से जमकर लंड चूसती है और लंड की मालिश करती है, ज्यादा चीखना चिल्लाना भी उसको अच्छा नहीं लगता, बस वो तो जमकर मज़े लेती है ।।

धन्यवाद …

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